औरैया: जिले के स्वास्थ्य महकमे और मेडिकल कॉलेज प्रशासन में उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के एक सख्त आदेश के बाद पुलिस ने एक बड़ा मुकदमा दर्ज किया। सीटी (CT) स्कैन रिपोर्ट में हेराफेरी कर एक फर्जी फ्रैक्चर दिखाने और उसके आधार पर विपक्षी को जेल भिजवाने की साजिश रचने के आरोप में मेडिकल कॉलेज के सीएमएस (CMS) व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जे. रत्नाकर सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रकरण अयाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिखरना गांव से जुड़ा हुआ है। गांव में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी, जिसमें जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

पीड़ित पक्ष का गंभीर आरोप है कि उनके विरोधियों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ साठगांठ करके एक फर्जी CT स्कैन रिपोर्ट तैयार करवाई। इस मनगढ़ंत रिपोर्ट में सिर में ‘फर्जी फ्रैक्चर’ (Fake Fracture) दर्शाया गया था, ताकि मारपीट के इस मुकदमे को और अधिक गंभीर बनाकर पीड़ित पक्ष को जेल भिजवाया जा सके।
पुलिस ने नहीं सुनी गुहार, तो खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
जब पीड़ित पक्ष को इस फर्जीवाड़े की भनक लगी, तो उन्होंने स्थानीय अयाना पुलिस और जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर पर इसकी शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन, पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
पुलिस से निराश होने के बाद पीड़ित ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से औरैया के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों की गंभीरता से सुनवाई की। प्रथम दृष्टया आरोपों में सत्यता और गंभीरता पाते हुए कोर्ट ने संबंधित थाने को डॉ. जे. रत्नाकर सहित तीन आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए।
स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक जांच में भी हुई थी कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की गूंज पहले ही स्वास्थ्य विभाग में उठ चुकी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग द्वारा एक तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था।
- आउटसोर्सिंग कर्मचारी की हुई थी छुट्टी: उस विभागीय जांच में भी CT स्कैन रिपोर्ट को लेकर कई अनियमितताएं पाई गई थीं। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई थी।
- रेडियोलॉजिस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे थे सवाल: उसी जांच रिपोर्ट में रेडियोलॉजिस्ट (डॉ. जे. रत्नाकर) की कार्यप्रणाली में भी भारी लापरवाही सामने आने की बात सामने आई थी।
कोर्ट के आदेश से खुलीं फर्जीवाड़े की परतें
“फर्जी फ्रैक्चर दिखाकर जेल भेजने की साजिश” के इस आरोप पर कोर्ट का चाबुक चलने के बाद अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपनी विवेचना (Investigation) शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ सरकारी चिकित्सक (CMS) पर एफआईआर दर्ज होने से पूरे मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस विवेचना में और किन-किन लोगों के नाम इस साजिश में सामने आते हैं।

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