औरैया। उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 34 PCS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ की SDM दिव्या सिकरवार को अब औरैया की नई उपजिलाधिकारी (SDM Auraiya) बनाया गया है। वहीं औरैया के वर्तमान SDM अजय आनंद वर्मा का तबादला आजमगढ़ कर दिया गया है।
दिव्या सिकरवार की नई जिम्मेदारी इसलिए भी खास है क्योंकि प्रशासनिक सेवा में आने से पहले ही वह अपनी प्रतिभा और संघर्ष से अलग पहचान बना चुकी हैं। UPPCS परीक्षा-2022 में दिव्या ने प्रदेश में पहली रैंक हासिल की थी। आगरा के ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रदेश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में टॉप करने की उनकी कहानी भी काफी प्रेरणादायक रही है।

आगरा के गांव से निकलीं दिव्या सिकरवार
दिव्या सिकरवार मूल रूप से आगरा की एत्मादपुर तहसील के रामी गढ़ी गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राजपाल सिंह बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं और परिवार का जुड़ाव खेती से भी रहा है। दिव्या परिवार में सबसे बड़ी संतान हैं। उनके छोटे भाई दीपक यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं।
ग्रामीण परिवेश से आने के बावजूद दिव्या ने पढ़ाई के दौरान अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्टता बनाए रखी। उन्होंने आगरा के सेंट जॉन्स कॉलेज से वर्ष 2016 में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी शुरू कर दी।
दो बार मिली असफलता, तीसरे प्रयास में बनीं UPPCS टॉपर
दिव्या की सफलता की कहानी का सबसे अहम हिस्सा उनका संघर्ष है। पहली कोशिश में वह मुख्य परीक्षा तक नहीं पहुंच सकीं। दूसरी कोशिश में भी चयन सिर्फ दो अंकों से रह गया। लगातार दो बार मिली असफलता के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी।
तीसरे प्रयास में मेहनत रंग लाई और दिव्या ने सिर्फ परीक्षा पास ही नहीं की, बल्कि UPPCS में प्रदेश में पहली रैंक हासिल कर टॉप किया। वर्ष 2023 में घोषित PCS-2022 के अंतिम परिणाम में उनका नाम सबसे ऊपर रहा।

यही वजह है कि दिव्या सिकरवार की पहचान महज एक PCS अधिकारी की नहीं, बल्कि संघर्ष के बाद प्रदेश में टॉप करने वाली अधिकारी के रूप में भी बनी।

मां सरोज देवी ने बढ़ाया हौसला
दिव्या की सफलता में उनके परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विशेष रूप से अपनी मां सरोज देवी को दिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, दिव्या की मां खुद ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन बेटी को पढ़ाने और उसे आगे बढ़ाने को लेकर उनका रुख बेहद स्पष्ट था।
दो प्रयासों में सफलता नहीं मिलने के बाद जब दिव्या दूसरी नौकरी करने के बारे में सोचने लगी थीं, तब भी उनकी मां ने उन्हें पीछे हटने के बजाय प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। तीसरे प्रयास में मिली सफलता ने उस भरोसे को सही साबित कर दिया।
अफसर बनने की प्रेरणा अखबारों और अधिकारियों की कहानियों से मिली
दिव्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा अधिकारियों की कार्यशैली और उनकी कहानियां पढ़कर मिली। वह नियमित रूप से अखबार पढ़ती थीं और अधिकारियों की कार्रवाई व कामकाज से प्रभावित होती थीं। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना लक्ष्य बना लिया।
उनकी तैयारी का एक खास पहलू यह भी रहा कि उन्होंने घर से रहते हुए ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। प्री से लेकर मेन्स और इंटरव्यू तक की तैयारी में ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल किया।
ग्रामीण महिलाओं के लिए काम करने की इच्छा
UPPCS में टॉप करने के बाद दिव्या ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि ग्रामीण क्षेत्र से आने के कारण उन्होंने गांव की महिलाओं की समस्याओं को करीब से देखा है।
उनका मानना था कि कई ग्रामीण महिलाएं प्रतिभा और क्षमता होने के बावजूद सामाजिक व पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ पातीं। दिव्या ने ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए काम करने की इच्छा जताई थी।
अब औरैया में होगी प्रशासनिक जिम्मेदारी
अब दिव्या सिकरवार के सामने औरैया में नई जिम्मेदारी है। शासन के ताजा तबादला आदेश के अनुसार उन्हें SDM Auraiya बनाया गया है। इससे पहले वह आजमगढ़ में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थीं। वहीं औरैया के SDM अजय आनंद वर्मा को आजमगढ़ भेजा गया है।
औरैया में उपजिलाधिकारी के तौर पर दिव्या सिकरवार की भूमिका राजस्व एवं प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर शासन की योजनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े कामकाज में भी महत्वपूर्ण होगी।
एक ग्रामीण परिवेश से निकलकर UPPCS में प्रदेश टॉप करने के बाद अब औरैया की SDM की जिम्मेदारी तक पहुंची दिव्या सिकरवार का सफर जिले में उनकी नई तैनाती को खास बनाता है।
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