लखनऊ, 5 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए देश के इतिहास का सबसे बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व बैंक (World Bank) के सहयोग से ₹2,741 करोड़ की लागत वाली ‘उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंध परियोजना’ (UP-CAMP) का विधिवत शुभारंभ किया। यह संपूर्ण भारत की पहली ऐसी पर्यावरण परियोजना है जो ‘एयर शेड’ (Air Shed) दृष्टिकोण पर आधारित है।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पर्यावरण चेतना को जगाने, हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अन्य बड़े नीतिगत फैसलों, अभियानों के ‘लोगो’ और मस्कट का भी अनावरण किया।

सीएम योगी ने समझाया ‘एयर शेड’ दृष्टिकोण का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदूषण किसी एक शहर या जिले की सीमा में कैद नहीं रहता, इसलिए इससे निपटने के लिए हमारे प्रयास भी व्यापक होने चाहिए। उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंध परियोजना इसी सोच का परिणाम है।
वैज्ञानिक संदर्भ में क्या है एयर शेड? जिस तरह एक नदी का पूरा ‘जलक्षेत्र’ (Water Basin) होता है, ठीक उसी तरह एक भौगोलिक क्षेत्र की हवा की अपनी सीमाएं होती हैं, जहां मौसम और हवा की गति के कारण प्रदूषक तत्व आपस में जुड़े रहते हैं। इस परियोजना के तहत पूरे भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्र (Indo-Gangetic Plain) को एक ‘एयर शेड’ मानकर क्षेत्रीय स्तर पर सामूहिक रूप से वायु प्रदूषण नियंत्रण की रणनीतियां लागू की जाएंगी।
इस ₹2,741 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट के जरिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के उन प्रमुख औद्योगिक और अत्यधिक आबादी वाले जिलों की वायु गुणवत्ता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, जो सबसे ज्यादा प्रदूषण की चपेट में आते हैं।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान: 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
हरित क्षेत्र को तेजी से बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के आधिकारिक ‘लोगो’ (Logo) का अनावरण किया।
- विशाल लक्ष्य: सीएम योगी ने इस वर्ष मानसून सत्र के दौरान पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य तय किया है।
- जियो-टैगिंग से निगरानी: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस बार केवल पौधे लगाए न जाएं, बल्कि जियो-टैगिंग और आधुनिक वन प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से उनके जीवित रहने और संरक्षण की भी सख्त मॉनिटरिंग की जाए।
रामसर स्थलों के डॉकेट का विमोचन और पॉल्यूशन बोर्ड के मस्कट का अनावरण
इस पर्यावरण महाकुंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषयक संगोष्ठी का भी उद्घाटन किया।
- रामसर साइट्स डॉकेट: उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण को रेखांकित करते हुए सीएम योगी ने प्रदेश के सभी ‘रामसर स्थलों’ (Ramsar Sites) के एक विशेष सचित्र डॉकेट (Docket) का विमोचन किया।
- UPPCB मस्कट: जन-जागरूकता को डिजिटल और रचनात्मक माध्यमों से बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के एक नए और आकर्षक मेस्कॉट (Mascot – शुभंकर) का अनावरण किया, जो युवाओं और बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेगा।
- विजेताओं का सम्मान: सीएम योगी ने पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावी विजेताओं को मंच पर बुलाकर पुरस्कृत किया और उनका हौसला बढ़ाया।

प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन ही हमारा संकल्प: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘डबल इंजन सरकार’ की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज स्वच्छ वायु, जल एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार प्रकृति और प्रगति के मध्य एक मजबूत संतुलन स्थापित कर रही है, ताकि आर्थिक विकास भी हो और हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं समृद्ध भविष्य का निर्माण भी सुनिश्चित किया जा सके।

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