औरैया: तहसील परिसर में पिछले 11 मई से ठप पड़ा कामकाज अब फिर से पटरी पर लौटने वाला है। औरैया राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन और जिला प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध आखिरकार टूट गया है। अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं ने बुधवार को एडीएम (वित्त एवं राजस्व) श्री अविनाश चंद्र मौर्य के साथ हुई मैराथन बैठक के बाद अपनी हड़ताल को सशर्त स्थगित करने का ऐलान कर दिया है।
इस फैसले के बाद अब कल (गुरुवार) से तहसील की सभी अदालतें और काउंटर सुचारू रूप से कार्य करेंगे, जिससे दूर-दराज से आने वाले मुवक्किलों को बड़ी राहत मिलेगी।

एडीएम ने मानीं मांगें, एसडीएम के ट्रांसफर पर बनी सहमति
एसोसिएशन के पदाधिकारियों और एडीएम वित्त एवं राजस्व के बीच हुई यह वार्ता अत्यंत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। वार्ता के दौरान एडीएम ने अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई लगभग सभी मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
इस पूरे आंदोलन की मुख्य धुरी रहे ‘एसडीएम औरैया’ के स्थानांतरण (तबादले) की मांग पर भी प्रशासन ने अपनी सहमति जता दी है। हालांकि, एडीएम ने कुछ प्रशासनिक और तकनीकी मजबूरियों का हवाला देते हुए एसोसिएशन से 10 से 15 दिन की मोहलत मांगी है। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया है कि तय समय सीमा के भीतर एसडीएम के स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित कर दी जाएगी।
‘जनता की परेशानी देख हमने दिखाया बड़ा दिल’
प्रशासन के साथ वार्ता के सफल होने के बाद बार सभागार में अधिवक्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसे संबोधित करते हुए राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार पांडे और महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने कहा कि अधिवक्ताओं का मकसद कभी भी प्रशासन को अकारण परेशान करना नहीं रहा है, बल्कि यह लड़ाई व्यवस्था में सुधार और अधिवक्ताओं के सम्मान की रक्षा के लिए थी।
“दूर-दराज से आने वाले गरीब मुवक्किलों और आम जनता को हो रही भारी असुविधा को देखते हुए एसोसिएशन ने बड़ा दिल दिखाते हुए जनहित को सर्वोपरि रखा है। हम प्रशासन के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित कर रहे हैं।” – सुशील कुमार पांडे (अध्यक्ष)
तय समय में वादा पूरा न होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने स्पष्ट किया कि जनहित में कल से सभी अधिवक्ता साथी अपने-अपने काम पर लौटेंगे और न्यायिक कार्यों का संपादन करेंगे। लेकिन, उन्होंने प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हमने प्रशासन को 10 से 15 दिन का समय दिया है। यदि तय समय सीमा के भीतर वादे के मुताबिक एसडीएम का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो एसोसिएशन एक बार फिर कार्य बहिष्कार कर और भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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