औरैया: कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधु एवं एमओयू क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों की समस्याओं का समय से समाधान किया जाए, ताकि जिले में नए उद्योग स्थापित हों और युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।


बिजली कटौती और रोस्टर का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान उद्योग संचालकों ने बिजली कटौती और बदलते बिजली रोस्टर की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति का समय तय न होने से उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों को समय-समय पर बिजली रोस्टर की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। यदि रोस्टर में कोई बदलाव हो तो उसकी सूचना पहले से दी जाए।
खाली भूखंडों के आवंटन के दिए निर्देश
बैठक में बिधूना और अछल्दा क्षेत्र के मिनी इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़े भूखंडों के आवंटन का मुद्दा भी उठाया गया। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि खाली भूखंडों का निरीक्षण कर जल्द आवंटन प्रक्रिया पूरी कराई जाए, जिससे नए उद्योगों की स्थापना हो सके।
साप्ताहिक बंदी के नए नियमों की दी जाएगी जानकारी
अजीतमल-बाबरपुर क्षेत्र के व्यापारियों ने साप्ताहिक बंदी को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग रखी। इस पर श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शासन स्तर पर साप्ताहिक बंदी के नियमों में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि व्यापारियों और उद्योग संचालकों के साथ बैठक कर नए नियमों की जानकारी दी जाए।


निवेश से जुड़े एमओयू की हुई समीक्षा
बैठक में निवेश से जुड़े एमओयू की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले को 1500 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य मिला है। अब तक 3067.1 करोड़ रुपये के 115 एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी है। वहीं 2248.1 करोड़ रुपये के 68 उद्योग धरातल पर स्थापित होकर उत्पादन शुरू कर चुके हैं।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, श्रम प्रवर्तन अधिकारी रीमा सिंह, उपायुक्त उद्योग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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