औरैया: अपना औरैया जिला, जिसकी प्रदेश स्तर पर शायद कोई बहुत खास पहचान न हो। जमीनी हकीकत यह है कि यहां आज भी आधारभूत संरचनाओं की कमी साफ दिखाई देती है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण यहां के युवाओं और परिवारों को महानगरों की ओर पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है। लेकिन, इन तमाम अभावों के बीच इस जिले ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर हर जनपदवासी को गर्व होना चाहिए। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में हमारा औरैया साक्षरता दर ( Auraiya Literacy Rate) के मामले में तीसरे स्थान पर मजबूती से खड़ा है।


शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की गई यह रैंकिंग हमारे जिले की एक बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश में तीसरा स्थान पाना केवल कोई सरकारी आंकड़ा भर नहीं है, बल्कि यह यहां के लोगों की कड़ी मेहनत, जागरूकता और शिक्षा के प्रति उनके गहरे समर्पण का सीधा परिणाम है। संसाधनों की कमी के बावजूद यहां के नागरिकों ने यह साबित कर दिखाया है कि हर शिक्षित व्यक्ति समाज को आगे बढ़ाने की ताकत रखता है।
आंकड़ों में देखिए यूपी के टॉप-5 साक्षर जिले
इस आंकड़े की प्रामाणिकता को समझने के लिए प्रदेश के शीर्ष साक्षर जिलों की सूची पर नजर डालना आवश्यक है। इस सूची में औरैया ने गाजियाबाद और लखनऊ जैसे महानगरों को भी पीछे छोड़ दिया है:
| रैंक | जिला | साक्षरता दर (प्रतिशत में) |
| 1 | गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) | 80.12% |
| 2 | कानपुर नगर | 79.65% |
| 3 | औरैया | 78.95% |
| 4 | इटावा | 78.41% |
| 5 | गाजियाबाद | 78.07% |
(स्रोत: भारत की जनगणना रिपोर्ट)


बीते दिन आए यूपी बोर्ड के नतीजों ने भी किया साबित
औरैया की यह शैक्षिक लगन केवल पुराने आंकड़ों तक सीमित नहीं है। बीते दिन घोषित हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। संसाधनों की कमी के बावजूद जनपद के छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। हाईस्कूल की परीक्षा में दिबियापुर स्थित सेंट साईंनाथ इंटर कॉलेज की छात्रा कनिष्का ने 95 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में टॉप किया है। वहीं, इंटरमीडिएट में श्री राधाकृष्ण इंटर कॉलेज की छात्रा अनुष्का ने जिले में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। सीमित सुविधाओं वाले गांव-देहात के इन बच्चों ने साबित कर दिया है कि लगन हो तो कोई भी बाधा राह नहीं रोक सकती।
अब समय आ गया है कि हम अपनी इस ताकत को पहचानें और केवल बुनियादी कमियों की शिकायत करने की प्रवृत्ति से आगे बढ़ें। इस उपलब्धि से प्रेरणा लेते हुए सभी जनपदवासियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि अगली जनगणना में हम साक्षरता के इस आंकड़े को पहले से भी और अधिक बेहतर बनाएंगे। विकास का रास्ता स्वयं से होकर गुजरता है, इसलिए अब हमें इस मूलमंत्र को आत्मसात करना होगा कि “हम बदलेंगे, तभी हमारा जिला बदलेगा।”
औरैया टाइम्स अपडेट 📢
औरैया की हर बड़ी खबर सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो करें।

