औरैया/अजीतमल: जनपद में ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम और बेहद सकारात्मक कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विकास खंडों की ‘समूह सखियों’ के कौशल विकास हेतु आयोजित चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का आज (28 मार्च 2026) सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और विकास की दिशा में उन्हें इस कदर सशक्त करना था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर एक सफल नेतृत्वकर्ता के रूप में समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।


राधा स्वामी सत्संग व्यास में लगा 4 दिवसीय विशेष शिविर
यह महत्वपूर्ण आवासीय प्रशिक्षण शिविर 25 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च 2026 तक अजीतमल के निकट स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास परिसर में पूरे हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस शिविर में औरैया जनपद के भाग्यनगर, औरैया सदर, अजीतमल, अछल्दा, बिधूना, सहार, ऐरवाकटरा और कुदरकोट जैसे सभी प्रमुख विकास खंडों से आई दर्जनों समूह सखियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
चार दिनों तक चले इस सघन प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को मॉड्यूलर-1, 2, 3 एवं 4 के अंतर्गत कई बेहद महत्वपूर्ण और तकनीकी जानकारियां दी गईं। इसके साथ ही, उन्हें जमीनी स्तर का व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) भी सिखाया गया, जिससे वे अपने स्वयं सहायता समूहों (SHG) का ज्यादा प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से संचालन कर सकें।
प्रशिक्षकों ने बढ़ाया हौसला, प्रमाण पत्र पाकर खिले महिलाओं के चेहरे
प्रशिक्षण के चौथे और अंतिम दिन आयोजित समापन समारोह में सभी प्रतिभागी समूह सखियों को उनकी कड़ी मेहनत और लगन के लिए प्रशस्ति व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने हाथों में प्रमाण पत्र पाते ही इन ग्रामीण महिलाओं के चेहरे खुशी और आत्मविश्वास से खिल उठे। उन्होंने इस शिविर को अपने जीवन, कार्य और भविष्य के लिए एक ‘मील का पत्थर’ और बेहद उपयोगी बताया।



इस अवसर पर असिस्टेंट ट्रेनिंग इंचार्ज श्री दीपक कुशवाहा, DRP विधा सिंह सेंगर, RIRD बकेवर के आचार्य श्री डी.के. सचान, सुरेश चंद्र, साधना, अंजली, सुमन और अवनीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने महिलाओं का जमकर उत्साहवर्धन किया और उनके साथ अपने व्यापक अनुभव साझा किए। सभी प्रशिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि ये सशक्त महिलाएं ही अब ग्रामीण औरैया की असली तस्वीर बदलेंगी।
‘Auraiya Times’ ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने वाली इस शानदार पहल की भरपूर सराहना करता है। जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है, तो केवल एक परिवार नहीं, बल्कि पूरा समाज और आने वाली पीढ़ी सशक्त होती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की यह ‘समूह सखियां’ निश्चित तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करता रहे, ताकि आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ा जा सके।
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