औरैया/दिबियापुर: जनपद औरैया में भोले-भाले ग्रामीणों को ‘रातों-रात अमीर’ बनने का सपना दिखाकर उन्हें कंगाल करने वाले एक बेहद शातिर और हाई-टेक ‘टप्पेबाज’ (ठग) गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिबियापुर पुलिस, एसओजी (SOG) और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने सघन अभियान चलाते हुए नकली सोने की माला को असली बताकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए इन शातिरों में दो पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जो बड़ी ही चालाकी से लोगों को अपने हुस्न और बातों के जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इनके पास से करीब 4 किलो पीली धातु (नकली सोना), नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं।


‘राजा-महाराजाओं का खजाना’ और असली मोती का खेल
पुलिस की सघन पूछताछ में इस गिरोह ने ठगी के जिस तरीके (Modus Operandi) का खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। ये शातिर ठग मुख्य रूप से गांवों, कस्बों, मेलों, गल्ला मंडियों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सीधे-सादे लोगों की तलाश करते थे। शिकार मिलते ही ये लोग उसे रहस्यमयी अंदाज में बताते थे कि उन्हें खुदाई में राजा-महाराजाओं के जमाने का ‘जमीन में गड़ा हुआ खजाना’ (सोने की मालाएं) मिला है।
पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए ये ठग पूरी नकली माला दिखाते थे, लेकिन चालाकी से उस माला में लगा असली सोने का एक छोटा सा टुकड़ा (मोती) पीड़ित को सुनार से चेक कराने के लिए दे देते थे। जब पीड़ित बाजार जाकर उस टुकड़े की जांच कराता, तो वह 100 प्रतिशत खरा सोना निकलता। इसी शुद्धता के लालच में आकर ग्राहक पूरी माला को असली समझ बैठता था और लाखों रुपये देकर 4 किलो नकली पीतल/धातु की माला खरीद लेता था। पैसे मिलते ही यह गिरोह मौके से रफूचक्कर हो जाता था।
कानपुर देहात के युवक से हुई थी ठगी, पुलिस ने बिछाया जाल
इस गिरोह के पाप का घड़ा तब भरा जब उन्होंने कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र (ग्राम हिसावां) के रहने वाले जितेंद्र कुमार को अपना शिकार बनाया। जितेंद्र कुमार ने बीते 12 जनवरी 2026 को दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि 5 जनवरी को कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धोखाधड़ी कर नकली सोने की माला बेच दी है।


इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) की शाम करीब 5:10 बजे संयुक्त पुलिस टीम ने अजमतपुर रोड पर स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पास से इन पांचों शातिरों को तब गिरफ्तार कर लिया, जब ये किसी नए शिकार की तलाश में थे।
थाना दिबियापुर व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा टप्पेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ कर नकली सोने की माला बेचकर ठगी करने वाले 05 शातिर अभियुक्तगण की गिरफ्तारी के संबंध मे अपर पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा दी गई बाइट-@adgzonekanpur@igrangekanpur@Uppolice @dgpup https://t.co/bdR1JeMeni pic.twitter.com/QaGwmG0wiw
— Auraiya Police (@auraiyapolice) March 28, 2026


हरियाणा और यूपी के रहने वाले हैं ठग, भारी मात्रा में ‘नकली सोना’ बरामद
पुलिस की गिरफ्त में आए इन शातिर अभियुक्तों की पहचान एक सुनियोजित अंतरराज्यीय गिरोह के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों में भीम भाट (निवासी पलवल, हरियाणा), गुलशन शर्मा (निवासी गजनेर, कानपुर देहात), पूनम (भीम भाट की पत्नी), देवली शर्मा (गुलशन शर्मा की पत्नी) और राजवती (निवासी खुर्जा, बुलंदशहर) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से ठगी का बड़ा जखीरा बरामद किया है।

इनके कब्जे से 3 पीली धातु/मोतियों की माला (वजन करीब 04 किलोग्राम), पीली धातु के तार के 3 छोटे बंडल, 2 पीली धातु के हुक, 2 लोहे की चिमटी, सूई-धागा, 3 मोबाइल फोन और 24,500 रुपये की नकद राशि बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी भीम भाट पर पहले से ही इटावा में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज है।
औरैया टाइम्स अपडेट 📢
औरैया की हर बड़ी खबर सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो करें।

