अयाना, अजीतमल औरैया। बीहड़ पट्टी के गांवों में प्रतिबंधित एवं हरे पेड़ों की कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की अनदेखी के चलते पेड़ों पर खुलेआम आरा चलाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ लोग बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटान करने और पेड़ों की जड़ों को बुलडोजर की मदद से उखाड़ने के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।


शुक्रवार को महारथपुर गांव में कुछ लोगों द्वारा हरे आम के पेड़ पर आरा चलाने का मामला सामने आया। ग्रामीणों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है। हालांकि वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

वहीं, कुछ दिन पूर्व अयाना गांव में पीपल के दो पेड़ों को बिना अनुमति काटे जाने का मामला भी सामने आया था। इस मामले में वन विभाग की ओर से जुर्माने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई थी।
अयाना निवासी राघवेंद्र पुष्कर, शेरा और दिनेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों की कटान पर लगाए जाने वाले जुर्माने की राशि कई बार पेड़ की वास्तविक कीमत की तुलना में कम पड़ती है। उनका आरोप है कि इसी वजह से कुछ लोग बेखौफ होकर पेड़ों की कटान कर रहे हैं और रात के अंधेरे में लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली व लोडर में लादकर बिक्री के लिए भेज दिया जाता है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से बीहड़ क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाने और बिना अनुमति पेड़ों की कटान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
वन रेंजर धर्मवीर ने बताया कि वन दरोगा बिट्टू सिंह को मामले की जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पेड़ काटने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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