लखनऊ/औरैया: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों बिजली उपभोक्ता एक अजीब और गंभीर परेशानी से जूझ रहे हैं। उनके घर में मीटर एक है, केबल एक है और इस्तेमाल भी एक ही जगह हो रहा है, लेकिन हर महीने बिजली के बिल 2 आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के कई क्षेत्रों में विभाग की तकनीकी या क्लेरिकल गलती के कारण एक ही व्यक्ति के नाम और पते पर दो अलग-अलग खाते (Account Numbers) चालू हो गए हैं। इस वजह से भोले-भाले ग्रामीणों को डर सता रहा है कि कहीं उन पर लाखों रुपये का फर्जी बिल या पेनाल्टी न लग जाए और उनकी आरसी (RC) न कट जाए।


Auraiya Times की इस खास और विस्तृत रिपोर्ट में जानिए कि आखिर यह गलती कैसे हुई और अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो बिना दलालों के चक्कर काटे इस समस्या से कैसे छुटकारा पाएं।
आखिर क्यों हो गए एक घर में 2 बिजली कनेक्शन? (Main Reasons)
बिजली विभाग के अधिकारियों और जमीनी हकीकत के अनुसार, इसके पीछे सबसे बड़े कारण ये हैं:
- सौभाग्य योजना के कैंपों की लापरवाही (सबसे बड़ा कारण): कुछ साल पहले जब गांवों में ‘सौभाग्य योजना’ के तहत फ्री कनेक्शन बांटे जा रहे थे, तब कई बार कैंप लगाए गए थे। ग्रामीणों ने जानकारी के अभाव में अपना आधार कार्ड और फोटो कई-कई बार (अलग-अलग कैंपों में) जमा कर दिए। ठेकेदारों ने भी टारगेट पूरा करने के चक्कर में एक ही व्यक्ति के नाम पर 2 या 3 अलग-अलग अकाउंट नंबर जनरेट कर दिए, जबकि मीटर सिर्फ एक ही लगाया। आज वही दूसरा कनेक्शन कागजों पर चल रहा है और बिल भेज रहा है।
- मीटर बदलते समय की गलती: पुराने खराब मीटर को बदलते समय, लाइनमैन या बाबू ने पुरानी आईडी को बंद (PD – Permanent Disconnection) किए बिना ही नए मीटर के लिए नई आईडी बना दी। अब दोनों आईडियों पर फिक्स चार्ज जुड़कर बिल बन रहा है।
- नाम की स्पेलिंग और पिता/पुत्र का नाम: कई मामलों में, पिता के नाम पर पहले से कनेक्शन था और बाद में बेटे के नाम पर भी उसी पते पर दूसरा कनेक्शन दे दिया गया, बिना यह चेक किए कि वहां पहले से लाइन चालू है।
भूलकर भी न करें ये 2 गलतियां (Warning Box)
- गलत बिल को इग्नोर न करें: अगर आप यह सोचकर दूसरा बिल फाड़ कर फेंक रहे हैं कि “यह तो विभाग की गलती है, मुझे क्या”, तो सावधान हो जाएं! उस फर्जी खाते पर हर महीने फिक्स चार्ज और सरचार्ज (ब्याज) लगता रहेगा। जब बकाया लाखों में पहुँच जाएगा, तो विभाग आपकी आरसी (RC) काट कर रिकवरी कर सकता है।
- डर कर फर्जी बिल न भरें: कभी भी डर के मारे उस गलत/फर्जी बिल का भुगतान न करें। कानूनन, बिल जमा करने का मतलब है कि आपने स्वीकार कर लिया है कि वह कनेक्शन आपका है और आप उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या है समाधान? कैसे कटवाएं दूसरा बिल? (Step-by-Step Solution)
अगर आपके पास 2 बिल आ रहे हैं (एक सही और एक फर्जी), तो आपको उस फर्जी कनेक्शन को स्थायी रूप से विच्छेदित (Permanent Disconnect – PD) कराना होगा। इसकी पूरी और सही प्रक्रिया इस प्रकार है:


स्टेप 1: एक विस्तृत प्रार्थना पत्र (Application) लिखें अपने संबंधित उपखंड अधिकारी (SDO) या अधिशासी अभियंता (XEN) के नाम एक साफ एप्लीकेशन लिखें।
- क्या लिखें: “महोदय, मेरे घर में अमुक खाता संख्या (सही वाला अकाउंट नंबर लिखें) का कनेक्शन चालू है और मैं नियमित बिल जमा कर रहा हूँ। लेकिन, सौभाग्य योजना के दौरान कागजात दोबारा जमा होने के कारण (या अन्य कारण) विभाग की गलती से एक अन्य खाता संख्या (गलत वाला अकाउंट नंबर लिखें) का बिल भी मुझे भेजा जा रहा है, जिसका मैंने कभी इस्तेमाल नहीं किया और न ही कोई दूसरा मीटर लगा है। कृपया इस फर्जी कनेक्शन को निरस्त/PD करने की कृपा करें।”
स्टेप 2: एफिडेविट (शपथ पत्र) बनवाएं (सबसे जरूरी) अपनी तहसील जाएं और ₹10 या ₹100 के स्टाम्प पेपर पर एक नोटरी एफिडेविट (शपथ पत्र) बनवाएं।
- शपथ पत्र में साफ-साफ लिखवाएं: “मैं शपथ पूर्वक बयान करता हूँ कि मैं सिर्फ एक कनेक्शन का इस्तेमाल करता हूँ। दूसरा कनेक्शन (अकाउंट नंबर दें) विभाग की गलती से दर्ज हुआ है। उस पर कोई मीटर नहीं है और उस कनेक्शन का बकाया राशि मेरी जिम्मेदारी नहीं है।” यह कागज आपको कानूनी रूप से सुरक्षित करेगा।
स्टेप 3: मजबूत फाइल तैयार करें एप्लीकेशन और शपथ पत्र के साथ ये सारे कागज नत्थी करें:


- सही वाले बिजली बिल की रसीद (Current Paid Bill)
- गलत वाले बिजली बिल की कॉपी (Wrong Bill)
- आपका आधार कार्ड (Aadhar Card) की कॉपी
- घर के बाहर और मीटर की एक साफ फोटो (जिससे साबित हो कि मीटर एक ही है)।
स्टेप 4: SDO ऑफिस या ‘समाधान दिवस’ में जाएं- इस पूरी फाइल को लेकर अपने स्थानीय बिजली घर (Sub-station) पर SDO के पास जाएं। अगर वहां सुनवाई नहीं होती है, तो हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को तहसील में लगने वाले ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ या बिजली विभाग के ‘विद्युत अदालत’ में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
क्या होगा इसके बाद? (Action)- अधिकारी आपके घर एक लाइनमैन या जेई (JE) को भेजकर जांच (Inspection/Site Verification) करवाएगा। जब रिपोर्ट में यह साबित हो जाएगा कि वहां कोई दूसरा मीटर या इस्तेमाल नहीं है, तो SDO उस फर्जी बिल की पूरी राशि को ‘बिल रिविजन’ (Bill Revision) के माध्यम से शून्य (Zero) कर देंगे और वह खाता हमेशा के लिए बंद (PD) कर दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: फर्जी कनेक्शन पर जो 50 हजार का बकाया दिखा रहा है, क्या वो मुझे देना पड़ेगा?
Ans: बिल्कुल नहीं! अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि दूसरा कनेक्शन केवल कागजों पर था और आपने वहां से 1 यूनिट भी बिजली नहीं जलाई है, तो UPPCL के नियमों के अनुसार पूरी राशि (फिक्स चार्ज और पेनाल्टी सहित) माफ़ (Revise) कर दी जाएगी।
Q2: शिकायत करने के महीनों बाद भी SDO कुछ नहीं कर रहे, तो क्या करें?
Ans: अगर स्थानीय अधिकारी आपकी बात नहीं सुनते हैं और चक्कर कटवा रहे हैं, तो आप टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके ‘डबल अकाउंट जनरेट होने’ की शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, आप जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) या UPPCL के एमडी (MD) को ईमेल भी कर सकते हैं। 1912 की शिकायत ऊपर से मॉनिटर होती है।
Q3: क्या मैं यह काम किसी दलाल से करवा सकता हूँ?
Ans: दलालों से बिल्कुल बचें। वे आपसे हजारों रुपये ठग लेंगे और हो सकता है कि सिर्फ अस्थाई रूप से बिल रोक दें, जो बाद में फिर आ जाएगा। जो कानूनी प्रक्रिया ऊपर बताई गई है, वही स्थायी समाधान है।
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