रिपोर्ट-आयुष गुप्ता,औरैया- सपा के अभेद किले के रूप में अपनी अलग पहचान रखने वाले औरैया जिले मे अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव रोचक होता नजर आएगा। वजह साफ है कि इस जिले में सबसे ज्यादा अधिक मतों से एक युवा नेता चुनकर गया है और वह भी जेल से चुनाव लड़ा था। अब जब 2 दिन बाद उसकी घर वापसी हो रही है तो कहीं ना कहीं माना जाए कि उसकी इस चुनाव में दखलनदाजी होगी।फिलहाल समाजवादी पार्टी के जिम्मेदार नेता अपने पाले में इस सीट को लेने के लिए पूरी जोरदारी से लगे हुए हैं।



सबसे ज्यादा मतों से दर्ज की है अपनी जीत (धर्मेंद्र यादव)
अगले माह जुलाई में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव प्रस्तावित हैं। समाजवादी पार्टी औरैया जिले में खोई हुई सीट को पुनः वापस लेने के लिए पूरी तरह से लगी हुई है।यही नहीं इस बार जिला पंचायत सदस्य सबसे ज्यादा समाजवादी पार्टी के चुनकर आए हैं। सपा के जिला पंचायत सदस्य जितने भी चुने गए हैं,उनमें सबसे ज्यादा अच्छे वोटों से पूर्व प्रधान धर्मेंद्र यादव जीते हैं। उन्होंने सबसे अच्छी जीत औरैया में दर्ज कराई है। बता दें कि जेल में रहकर धर्मेंद्र यादव ने यह चुनाव जीता था और अब उनकी इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मंजूर भी हो गई है। बताया जा रहा है कि अगले दो दिनों में वह जेल से बाहर भी आ जाएंगे। पिछले कई दिनों से जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चर्चा और तोड़फोड़ पर अब एक तरह से विराम लगता भी नजर आ रहा है।
सूत्रों की माने तो धर्मेंद्र यादव जेल से छूटने के बाद इस चुनाव के समीकरण भी बदल सकते हैं। हालांकि सपा के पास 10 से 11 सदस्य और दो सपा से बगावत करके निर्दलीय चुनाव लड़े थे,लेकिन इस चुनाव में धर्मेंद्र यादव की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। अब देखना यह है यह चुनाव किस करवट बदलता है। फिलहाल सत्ता दल भाजपा भी बसपा का सहारा लेकर और निर्दलीयों को अपने पक्ष में बैठा कर इस चुनाव में विजय पताका फहराना चाहती है। खैर सपा के गढ़ में यह सीट किसकी होगी यह तो भविष्य ही बताएगा मगर इस चुनाव में धर्मेंद्र यादव,सपा जिला अध्यक्ष राजवीर यादव व पूर्व विधायक प्रदीप यादव के साथ साथ औरैया विधानसभा से टिकट के उम्मीदवार जितेंद्र दोहरे की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है।


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