औरैया: कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच जब लोग अपने घरों में हैं, तब जिले की राजनीति में एक सकारात्मक तस्वीर देखने को मिल रही है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह और उनके पुत्र, युवा जिला पंचायत सदस्य कर्मवीर सिंह राजावत (Karmveer Singh Rajawat), साथ मिलकर मानवता की सेवा में जुटे हैं। यह पिता-पुत्र की जोड़ी ग्रामीण अंचलों में घर-घर जाकर जरूरतमंदों को कंबल और शॉल वितरित कर रही है।


पिता के कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा युवा जोश
इस वितरण अभियान की सबसे खास बात यह है कि अनुभवी नेता दीपू सिंह के साथ उनके पुत्र कर्मवीर सिंह राजावत पूरी जिम्मेदारी से मोर्चे पर डटे हैं। कर्मवीर सिंह राजावत, जो कि एक युवा जिला पंचायत सदस्य हैं, क्षेत्र में अपनी सक्रियता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। युवा नेता कर्मवीर अपने पिता के मार्गदर्शन में:
- ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुन रहे हैं।
- बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद ले रहे हैं और अपने हाथों से उन्हें कंबल ओढ़ा रहे हैं।
- युवाओं को समाज सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
कर्मवीर सिंह का कहना है कि, “जनसेवा का संस्कार मुझे अपने पिता जी से विरासत में मिला है। पद तो आता-जाता रहता है, लेकिन जनता के दिलों में जगह बनाना और उनकी सेवा करना ही हमारा असली उद्देश्य है।”



हर वर्ष की भांति अनवरत जारी है सेवा कार्य
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह हर साल की तरह इस बार भी अपनी परंपरा निभा रहे हैं। उनका मानना है कि ठंड का प्रकोप गरीब और बेसहारा लोगों के लिए सबसे कष्टकारी होता है। इस अभियान के तहत:
- बुजुर्गों के लिए: गर्म कंबलों (Blankets) का वितरण।
- महिलाओं के लिए: सम्मान स्वरूप गर्म शॉल (Shawls) का वितरण।

महिलाओं के चेहरों पर बिखरी मुस्कान
वितरण के दौरान भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आए। जब युवा सदस्य कर्मवीर ने बुजुर्ग माताओं को शॉल ओढ़ाया, तो उन्होंने उन्हें यशस्वी होने का आशीर्वाद दिया। दीपू सिंह और कर्मवीर सिंह की यह जोड़ी न केवल ठंड से राहत दे रही है, बल्कि लोगों को यह भरोसा भी दिला रही है कि सुख-दुख में वे उनके परिवार का हिस्सा हैं।







