लखनऊ/औरैया: उत्तर प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों ने सियासी और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि यूपी में पुरुषों में होने वाले लगभग 53.4% कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू और नशा है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह केवल विज्ञापनों तक सीमित न रहकर धरातल पर ‘नशे के खिलाफ’ एक ईमानदार अभियान चलाए।


SGPGI की रिपोर्ट ने चौंकाया: 10 साल में 33% बढ़े मरीज
अखिलेश यादव ने जो रिपोर्ट साझा की है, उसके अनुसार लखनऊ के SGPGI (Sanjay Gandhi Post Graduate Institute of Medical Sciences) के रेडियोथेरेपी विभाग में पिछले एक दशक में कैंसर मरीजों की संख्या में 33% का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- भारत के कुल कैंसर बोझ (Cancer Burden) में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 15% से अधिक है।
- यूपी में 53.4% पुरुषों और 15.5% महिलाओं में कैंसर का संबंध सीधे तौर पर तम्बाकू से है।
- हर तीन में से केवल एक मरीज ही शुरुआती स्टेज में अस्पताल पहुँच पाता है, जबकि 50% से अधिक मरीज दूसरी या तीसरी स्टेज में रिपोर्ट होते हैं।
उप्र में पुरुषों में होनेवाले कैंसर में लगभग 54% कैंसर का कारण यदि नशा है तो हर तरह के नशे के ख़िलाफ़ सरकार को अभियान चलाना चाहिए।
सरकार को ऐसे विश्वसनीय लोगों को आगे करना चाहिए जिनकी केवल छवि ही नहीं बल्कि जो सच में किसी भी तरह के ‘नशा-पत्ती-बूटी-व्यसन’ में नहीं हैं और… pic.twitter.com/LSdexyMoHW
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 4, 2026


अखिलेश यादव के ‘कैंसर मुक्त यूपी’ के लिए सुझाव
सपा अध्यक्ष ने सरकार के सामने कुछ ठोस प्रस्ताव रखे हैं:
- टैक्स मुक्त दवाइयां: कैंसर की दवाइयां केवल सस्ती ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से टैक्स मुक्त (Tax Free) होनी चाहिए और गरीबों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था हो।
- सच्चे रोल मॉडल: नशा मुक्ति अभियान के लिए ऐसे सफल और ईमानदार लोगों को आगे लाया जाए जिनका व्यक्तिगत जीवन व्यसन मुक्त है, न कि केवल सार्वजनिक छवि वाले लोग।
- कैंसर वारियर्स की भूमिका: जो लोग कैंसर को हरा चुके हैं (Cancer Survivors), उन्हें अस्पतालों में मरीजों से मिलवाया जाए ताकि उनमें जीने की इच्छाशक्ति बढ़े।
- निशुल्क टीकाकरण: कैंसर के कई रूपों से लड़ने के लिए सरकार को प्रदेश भर में मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए।
- संस्थानों का रखरखाव: पूर्व की सरकारों में बने कैंसर संस्थानों का राजनीतिक विद्वेष से ऊपर उठकर सही रखरखाव हो और मंडल स्तर पर नए संस्थान खुलें।
“भ्रम से बचें, नशा नशा ही होता है”
अखिलेश यादव ने उन नशीले उत्पादों पर भी प्रहार किया जिन्हें ‘मेडिसिनल प्रॉपर्टीज’ के नाम पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि यह महज एक भ्रम है और लोगों को आत्मबल दिखाकर नशा त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने अपना नारा दिया— “खुशहाल जीवन अपनाएं, ‘नशे’ को न हाथ लगाएं!”




