शिक्षाविशेष

प्रेरणा : सफाईकर्मी का काम करने वाली महिला बनी एसडीएम,जहाँ करती थी सफाई उसी इलाके में हुई तैनाती

राजस्थान : राजस्थान के जोधपुर नगर निगम(Jodhpur Nagar Nigam) में सफाई कर्मचारी का काम करने वाली महिला बनी एसडीएम। जी हां, आशा कंडारा नामक महिला ने अपने बुलंद हौसले के चलते साकार किया अपना सपना। जिस इलाके में करती थी सफाई का कार्य अब उसी इलाके की एसडीएम बन लोगों को दिखा दिया कि जहां चाह होती है, वहीं राह होती है। सफाई कर्मचारी से एसडीएम (SDM) बन आशा कंडारा ने देश की महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव जैसी मानसिकता को गलत साबित कर दिया है। उनकी उपलब्धि दर्शाती है कि महिला जो चाहे अपनी सच्ची लगन और बुलंद हौसले के दम पर हासिल कर सकती है।

सफाई कर्मचारी से लेकर एसडीएम बनने तक का सफर

आशा कंडारा का सफाई कर्मचारी (Sweeper) से लेकर एसडीएम बनने तक का सफर बहुत ही संघर्षपूर्ण रहा है। हालांकि,उनका लक्ष्य सदैव कुछ बड़ा नाम करने जैसा ही रहा। लेकिन आठ साल पहले तलाक के बाद उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जब उनके कंधों पर दो बच्चों की परवरिश करने का बोझ आ गया था। जिससे दोनो बच्चों का पालन पोषण करने के लिए उन्हें एक सामान्य सफाई कर्मचारी की नौकरी करनी पड़ी। इस दौरान उन्हें अपनी नौकरी को बनाए रखने के लिए काफी संघर्ष करने पड़े। लेकिन उन्होंने संघर्षों का डटकर सामना किया और अपने सपने को सदैव जिंदा रखा।

सफाईकर्मी का काम करने वाली महिला बनी एसडीएम

सफाई कार्य के साथ साथ जारी रखी अपनी पढ़ाई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशा काम पर अपनी किताबों को लेकर जाती थी और उन्हें जहां भी समय मिलता था,वहीं पढ़ने के लिए बैठ जाती थी। अपनी लगन के चलते आशा कंडारा ने सफाई कार्य के साथ साथ अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखा और स्नातक की परीक्षा पास की। आशा ने अपने जीवन में संघर्षों से मुंह नही मोड़ा बल्कि उनका डटकर सामना किया। जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने एसडीएम बन अपने सपने को साकार किया।आशा ने अपने सपने को साकार करने लिए जिस प्रकार चुनौतियों का सामना किया, वह वास्तव  में प्रसंशनीय है।

आशा ने दिखाई महिलाओं को आशा

आशा ने अपने बुलंद हौसले के चलते जिस प्रकार अपने लक्ष्य को हासिल किया है, वह महिलाओं के लिए एक नवीन आशा का विषय है।आशा उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के बोझ तले दबकर अपने लक्ष्य को भूल जाती हैं। आशा ने ऐसी ही महिलाओं में नवीन ऊर्जा का संचार किया है,और उन्हें अपनी जिंदगी की जिम्मेदारियों के साथ लड़ते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया है। आज आशा अपनी उपलब्धि के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

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