औरैया: जनपद की ग्राम पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब औरैया के ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की जाएगी। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने इस संबंध में अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।


डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 15 तारीख तक की डेडलाइन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होनी है। इसके लिए पंचायत सचिवों को पंचायत घरों में स्थान चिह्नित कर रंगाई-पुताई और बिजली की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
- संसाधन: जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) को निर्देश दिया गया है कि 15 तारीख तक कंप्यूटर टेबल, कुर्सी, पुस्तकों के रैक और अन्य फर्नीचर सचिवों को उपलब्ध करा दिए जाएं।
- डिजिटल डायरी: सभी ग्राम पंचायतों में 15 तारीख तक डिजिटल डायरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ‘मिशन ज्योतिर्गमय’ के तहत चयनित विद्यालयों के कायाकल्प की स्थिति जानी। उन्होंने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को कायाकल्प प्लस के मानकों से संतृप्त करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए DM ने VHND (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस) के दौरान गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन, हाइट गेज, बेंच और पर्दे जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है।


जल जीवन मिशन और मानदेय का मुद्दा
जिलाधिकारी ने ‘हर घर नल योजना’ की प्रगति पर असंतोष जताते हुए कहा कि पाइपलाइन डालने से जो सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उनकी मरम्मत तत्काल कराई जाए। साथ ही, जलापूर्ति को नियमित रखने के निर्देश दिए।
मानदेय को लेकर सख्त रुख: बैठक में पंचायत सहायकों और सामुदायिक शौचालय संरक्षकों के मानदेय का मुद्दा भी उठा। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि:
“31 जनवरी तक सभी का बकाया मानदेय जारी कर दिया जाए। आगामी महीनों में यदि भुगतान में देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
आयुष्मान कार्ड में लाएं तेजी
DM ने आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाएं, ताकि कोई भी गरीब परिवार इलाज से वंचित न रहे।






