Ration Dealer Complaint : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ती दर पर राशन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) चलाई जाती है। लेकिन अक्सर देखने में आता है कि कई जगहों पर कोटेदार (राशन डीलर) घटतौली (कम राशन तौलना), तय मूल्य से ज्यादा पैसे वसूलने, या कार्डधारकों के साथ अभद्रता करने जैसी मनमानी करते हैं।


यदि आप भी ऐसे किसी भ्रष्ट कोटेदार से परेशान हैं, तो आपको चुप बैठने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि राशन डीलर की शिकायत कैसे करें और कहां करें और इसके लिए कौन-कौन से तरीके उपलब्ध हैं।
1. राशन डीलर शिकायत नंबर: घर बैठे दर्ज कराएं अपनी समस्या
अगर राशन डीलर आपको राशन देने से मना करता है या कम राशन देता है, तो आप अपने मोबाइल फोन से तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यूपी सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
खाद एवं रसद विभाग टोल फ्री नंबर (UP Food and Civil Supplies Helpline):


- टोल फ्री नंबर: 1800-180-0150
- शॉर्ट कोड हेल्पलाइन: 1967
इन नंबर्स पर कॉल करके आप ग्राहक सेवा अधिकारी को अपना राशन कार्ड नंबर, कोटेदार का नाम और अपनी समस्या बता सकते हैं। आपकी शिकायत सीधे जिले के उच्च अधिकारियों को भेज दी जाती है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline): इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में सबसे प्रभावी शिकायत प्रणाली ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ है। आप 1076 पर कॉल करके भी अपने राशन डीलर की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यहाँ से दर्ज की गई शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाता है।
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2. ऑनलाइन प्रक्रिया: राशन डीलर की शिकायत कैसे करें?
यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, तो आप उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं:
- सबसे पहले यूपी खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट fcs.up.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर आपको “ऑनलाइन शिकायत करें” (Online Complaint) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

- इसके बाद “शिकायत दर्ज करें” वाले लिंक पर जाएं।

- अब आपके सामने “शिकायत हेतु मोबाइल न० का सत्यापन” का एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको ‘शिकायत कर्ता का मोबाइल न०’ वाले बॉक्स में अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करना है।

- मोबाइल नंबर डालने के बाद नीचे दिया गया ‘Captcha’ (अक्षरों या अंकों का कोड) भरें और “ओ० टी० पी०” (OTP) वाले नीले बटन पर क्लिक करें।
- आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। उसे दर्ज करके अपना नंबर वेरीफाई करें।
- मोबाइल नंबर सत्यापित (Verify) होने के बाद मुख्य शिकायत फॉर्म खुल जाएगा। इसमें अपना नाम, जिला, राशन कार्ड नंबर और शिकायत का पूरा विवरण (जैसे घटतौली या अभद्रता) विस्तार से लिखें।
- यदि आपके पास कोई सबूत (फोटो या वीडियो) है, तो उसका जिक्र भी करें और फॉर्म सबमिट कर दें। अंत में आपको एक ‘शिकायत संख्या’ मिलेगी जिससे आप अपनी शिकायत का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
3. ऑफलाइन तरीका: अधिकारियों से सीधी शिकायत
अगर ऑनलाइन या फोन से बात नहीं बनती है, तो आप लिखित शिकायत भी कर सकते हैं:
- जिला पूर्ति अधिकारी (DSO): आप अपने जिले के DSO कार्यालय में जाकर कोटेदार के खिलाफ लिखित प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
- उप जिलाधिकारी (SDM): तहसील स्तर पर SDM महोदय को भी हलफनामे के साथ शिकायत पत्र दिया जा सकता है। एसडीएम के पास कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने का अधिकार होता है।
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4. कोटेदार को हटाने का तरीका (संपूर्ण प्रक्रिया)
कई बार डीलर इतना दबंग होता है कि वह सुधरने का नाम नहीं लेता। ऐसे में गांव वाले मिलकर उसे उसके पद से हटा सकते हैं। कोटेदार को हटाने का तरीका एक लोकतांत्रिक और कानूनी प्रक्रिया है:
- ग्राम सभा की खुली बैठक: कोटेदार को हटाने के लिए सबसे पहले ग्राम पंचायत स्तर पर एक ‘खुली बैठक’ (Open Meeting) बुलानी होती है। इसके लिए ग्राम प्रधान या खंड विकास अधिकारी (BDO) को पत्र लिखना होता है।
- प्रस्ताव पारित करना: इस खुली बैठक में गांव के कम से कम दो-तिहाई राशन कार्डधारकों की उपस्थिति होनी चाहिए। बैठक में कोटेदार के भ्रष्टाचार या अनियमितताओं के खिलाफ एक प्रस्ताव (Resolution) लाया जाता है।
- हस्ताक्षर और साक्ष्य: प्रस्ताव पर सभी सहमत ग्रामीणों (राशन कार्डधारकों) के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान लिए जाते हैं।
- अधिकारियों को सौंपना: इस पारित प्रस्ताव की कॉपी, शिकायत पत्र और साक्ष्यों के साथ तहसील के SDM (उप जिलाधिकारी) और DSO (जिला पूर्ति अधिकारी) को सौंपी जाती है।
- जांच और कार्रवाई: अधिकारियों द्वारा एक जांच कमेटी (जिसमें सप्लाई इंस्पेक्टर भी शामिल होता है) बनाई जाती है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर SDM द्वारा कोटेदार का लाइसेंस (दुकान का आवंटन) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाता है और कोटेदार को हटाकर नई दुकान के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
राशन आपका अधिकार है और कोई भी कोटेदार आपको इससे वंचित नहीं कर सकता। जागरूकता के अभाव में लोग भ्रष्टाचार का शिकार होते हैं। ऊपर बताए गए खाद एवं रसद विभाग टोल फ्री नंबर और प्रक्रियाओं का उपयोग करके आप न केवल अपना हक पा सकते हैं, बल्कि एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने में भी अपना योगदान दे सकते हैं।
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