ASMC AURAIYA: जिले का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय (ASMC) बनकर तैयार है, जिसकी इमारत 2 अरब 52 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हुई है। विभागीय अधिकारी पिछले दो वर्षों से इस कॉलेज को मान्यता दिलाने की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम द्वारा हाल ही में किए गए निरीक्षण में पाई गई कमियों के कारण मान्यता देने से इंकार कर दिया गया है , जिसके चलते अब कॉलेज प्रशासन इन कमियों को दूर करने के बाद फिर से मान्यता के लिए आवेदन करेगा।


ASMC AURAIYA: मेडिकल कॉलेज औरैया का निर्माण
मेडिकल कॉलेज औरैया (Medical College Auraiya) का निर्माण दो हिस्सों में विभाजित है-एक हिस्सा चिचोली जिला अस्पताल है और दूसरा सेहुद में स्थित है। चिचोली अस्पताल में 300 बेड की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सेहुद में एकेडमिक हॉल, हॉस्टल और अन्य निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। पिछले वर्ष भी मेडिकल कॉलेज को शुरू करने के प्रयास तेजी से चल रहे थे, लेकिन मान्यता न मिलने के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
इस वर्ष भी मेडिकल कॉलेज शुरू करने की पूरी तैयारी की गई थी, लेकिन निरीक्षण में पाई गई कमियों के कारण कॉलेज को सुधार का मौका दिया गया। हालांकि, अभी तक इन कमियों को पूरी तरह से दूर नहीं किया जा सका है। इससे सत्र 2024-25 के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने को लेकर असमंजस बना हुआ है। कॉलेज के अधिकारी कमियों को दूर करने में जुटे हुए हैं और उम्मीद है कि जल्द ही मान्यता मिल सकेगी।
पिछले वर्ष भी नहीं हो पाए थे आवेदन
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों के लिए पिछले वर्ष आवेदन प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) की टीम ने निरीक्षण नहीं किया। इस वजह से पिछले वर्ष भी कॉलेज को मान्यता नहीं मिल पाई थी और एमबीबीएस (MBBS) की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी थीं। इस वर्ष भी मान्यता मिलने की संभावना कम ही दिख रही है।


फैकल्टी की कमी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि “फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए 8 जुलाई तक आवेदन मांगे गए थे। अब तक 120 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और 15 जुलाई को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में साक्षात्कार प्रक्रिया होगी। इसके बाद फैकल्टी की कमी पूरी हो जाएगी।”

मान्यता के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं
जून महीने में निरीक्षण के दौरान ओपीडी में मरीजों की संख्या, लैब में जांच की व्यवस्था, सीटी स्कैन, बिल्डिंग आदि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई थीं। केवल फैकल्टी की कमी थी, जिसे दूर करने के लिए तीन नई फैकल्टी बढ़ाई गई हैं और एक सीनियर रेजिडेंट भी कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
औरैया मेडिकल कॉलेज (Auraiya Medical College) में इस वर्ष भी एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने की संभावना कम है। फैकल्टी की कमी को पूरा करने के प्रयास जारी हैं और उम्मीद है कि भविष्य में कॉलेज को मान्यता मिल सकेगी। आधिकारिक जानकारी के लिए आप राजकीय मेडिकल कॉलेज औरैया की वेबसाइट – https://www.asmcs.in/ पर विजिट कर सकते हैं और कॉलेज से सम्बंधित नवीनतम जानकारी हासिल कर सकते है।


औरैया टाइम्स अपडेट 📢
औरैया की हर बड़ी खबर सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो करें।




