अजीतमल (औरैया): कहते हैं शादियां तो बहुत होती हैं, लेकिन कुछ शादियां इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाती हैं। जनपद के विकासखंड अजीतमल के ग्राम अदमापुर में एक ऐसी ही अनोखी और शाही शादी देखने को मिली, जहां दूल्हा अपनी दुल्हन को कार से नहीं, बल्कि हवाई जहाज (हेलीकॉप्टर) से विदा कराकर घर लाया। इस भव्य नजारे को देखने के लिए मानों पूरा इलाका उमड़ पड़ा हो।


1. पिता और दादा का सपना हुआ साकार
इस अनोखी विदाई के नायक हैं दूल्हा निर्वेश राजपूत। निर्वेश ने बताया कि अपनी दुल्हन को हेलीकॉप्टर से लाना महज दिखावा नहीं, बल्कि उनके पिता सतेंद्र राजपूत और उनके स्वर्गीय दादा दया किशन राजपूत का एक पुराना सपना था। अपने बुजुर्गों की इसी इच्छा को पूरा करने के लिए निर्वेश ने आसमान के रास्ते वधु आगमन का फैसला किया।
2. महोबा से औरैया तक ‘आसमानी’ सफर
विवाह समारोह महोबा जनपद के चरखारी क्षेत्र स्थित ग्राम भटेवर कला में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विदाई के वक्त जब दुल्हन स्वाति (आकांक्षा) राजपूत हेलीकॉप्टर में बैठीं, तो यह पूरे गांव के लिए कौतूहल का विषय बन गया। दुल्हन स्वाति ने इस विदाई को अपने जीवन का सबसे खास, अनोखा और अविस्मरणीय अनुभव बताया।



3. कॉलेज ग्राउंड बना ‘हेलीपैड’, फूलों से हुआ स्वागत
अजीतमल के सिंहवाहिनी महाविद्यालय के मैदान में हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। जैसे ही हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी, हजारों की संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए। नवविवाहित जोड़े के नीचे उतरते ही परिजनों और ग्रामीणों ने उन पर फूलों की वर्षा की और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

4. पूरे जनपद में चर्चा का विषय
आमतौर पर ग्रामीण अंचलों में ऐसी भव्य विदाई कम ही देखने को मिलती है। यही कारण है कि अदमापुर गांव में हुई यह विदाई सोशल मीडिया से लेकर हर गली-चौराहे पर चर्चा का विषय बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन द्वारा भी लैंडिंग स्थल पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई थीं।


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