9 मई को मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जाती है। आइए जानते हैं उनके शौर्य, भाले के वजन और हल्दीघाटी युद्ध के सबसे अद्भुत तथ्य। 

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कल है महाराणा प्रताप जयंती! जानें शूरवीर के 5 अनसुने फैक्ट्स 

08 MAY 2026

महाराणा प्रताप का जन्म मेवाड़ के अजेय माने जाने वाले 'कुंभलगढ़ किले' में हुआ था। उनके पिता का नाम महाराणा उदय सिंह और माता का नाम जयवंता बाई था। 

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9 मई 1540 को हुआ था जन्म 

कहा जाता है कि महाराणा प्रताप की ऊंचाई 7 फीट 5 इंच थी। युद्ध में वे 80 किलो का भाला, 72 किलो का छाती का कवच और भारी तलवारें मिलाकर कुल 208 किलो का वज़न उठाते थे। 

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7.5 फीट हाइट और 208 किलो का भार! 

1576 में हल्दीघाटी के मैदान में महाराणा प्रताप की मुट्ठी भर राजपूत और भील सेना ने अकबर की विशाल मुगल सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। उन्होंने कभी अकबर की गुलामी स्वीकार नहीं की। 

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1576 का हल्दीघाटी का युद्ध 

सालों तक जंगलों में भटकते हुए उन्होंने और उनके परिवार ने 'घास की रोटियां' तक खाईं। लेकिन मुगलों के आगे झुकने से साफ़ इनकार कर दिया। यही उन्हें महान बनाता है। 

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खाई 'घास की रोटी' लेकिन नहीं टेके घुटने! 

हल्दीघाटी युद्ध में जब महाराणा प्रताप घायल हुए, तो उनके घोड़े 'चेतक' ने एक पैर कटने के बावजूद 26 फीट लंबे नाले को छलांग लगाकर पार किया और उनकी जान बचाई। 

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वफादार घोड़े 'चेतक' का बलिदान