औरैया (ककोर): जनपद के किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्यान विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना’ के तहत विभिन्न फसलों और इकाइयों के लिए लक्ष्य प्राप्त हो चुके हैं। इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।


इन योजनाओं के लिए निर्धारित है लक्ष्य
उद्यान विभाग द्वारा इस वर्ष निम्नलिखित क्षेत्रों में अनुदान देने का निर्णय लिया गया है:
- सब्जी की खेती: 50 हेक्टेयर में संकर शाकभाजी (लौकी, करेला, तरोई, खीरा) की खेती का लक्ष्य।
- पुष्प एवं मसाला: 5 हेक्टेयर में गेंदा (पुष्प) और 3 हेक्टेयर में धनिया (मसाला) की खेती।
- नई पहल: 1 हेक्टेयर में ड्रेगन फ्रूट की खेती के लिए विशेष प्रोत्साहन।
- अन्य इकाइयां: 2 वर्मीबेड और 2 यूनिट मौनपालन (मधुमक्खी पालन) का भी लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
कैसे करें आवेदन? (पंजीकरण प्रक्रिया)
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा:
- वेबसाइट: किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.dbt.uphorticulture.in पर जाकर अपना पंजीकरण करें।
- आधार: अनुदान का भुगतान डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में किया जाएगा।
- सिद्धांत: यह योजना ‘प्रथम आवक प्रथम पावक’ (पहले आओ, पहले पाओ) की तर्ज पर आधारित है।
हार्ड कॉपी जमा करना अनिवार्य
ऑनलाइन पंजीकरण के बाद किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन (ककोर मुख्यालय) में जमा करने होंगे:


- दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, वर्तमान खतौनी और दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- समय सीमा: पंजीकरण के सात दिवस के भीतर आवेदन की हार्ड कॉपी कार्यालय में जमा करना आवश्यक है। केवल वही किसान पात्र माने जाएंगे जिनका आवेदन पत्र समय से कार्यालय में प्राप्त होगा।
Auraiya Times की विशेष सलाह
‘Auraiya Times’ औरैया के किसान भाइयों से अपील करता है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ इन औद्यानिक फसलों को अपनाएं। ड्रेगन फ्रूट और मौनपालन जैसे विकल्प न केवल कम लागत में अधिक मुनाफा देते हैं, बल्कि सरकार से मिलने वाला अनुदान आपकी जोखिम को भी कम करता है।
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