क्या है 'किसान रजिस्ट्री' और 'Farmer ID'?
केंद्र सरकार के 'एग्रीस्टैक' (AgriStack) प्रोजेक्ट के तहत हर किसान की डिजिटल पहचान बनाई जा रही है। जैसे आम आदमी के लिए आधार कार्ड है, वैसे ही अब हर किसान को एक यूनिक 'Farmer ID' (डिजिटल पहचान पत्र) दिया जा रहा है।
सरकार ने सख्त नियम लागू किए हैं। अगर आप 'किसान रजिस्ट्री' में अपना नाम दर्ज नहीं कराते हैं, तो भविष्य में आपको 'पीएम किसान सम्मान निधि' (PM Kisan) का ₹6000 का लाभ, फसल बीमा और KCC लोन जैसी सुविधाएं मिलना बंद हो सकती हैं।
खत्म होगा फर्जीवाड़ा, बार-बार KYC से छुट्टी
इस रजिस्ट्री का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे फर्जी किसान योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। एक बार आपका Farmer ID बन गया, तो आपको खाद, बीज, या लोन के लिए बार-बार KYC और खतौनी की कॉपी नहीं देनी पड़ेगी।
अपनी रजिस्ट्री कराने के लिए आपको मुख्य रूप से 3 चीज़ों की ज़रूरत होगी: 1. आधार कार्ड, 2. आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए), और 3. आपके खेत की खतौनी/गाटा संख्या का विवरण।
यूपी सरकार हर ग्राम पंचायत में कैंप लगा रही है। इसके अलावा आप अपने नज़दीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से, या खुद अपने मोबाइल पर 'Farmer Registry UP' ऐप डाउनलोड करके घर बैठे आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।