UP Vridhavastha Pension: उत्तर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही किसी जटिल फॉर्म को भरने की आवश्यकता होगी।


योगी कैबिनेट ने हाल ही में फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली के तहत वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों का स्वतः चिह्नीकरण (Automatic Identification) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई डिजिटल व्यवस्था से 70 लाख से अधिक बुजुर्गों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
कितनी मिलेगी पेंशन राशि? (मासिक लाभ)
वर्तमान में, उत्तर प्रदेश सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹1,000 प्रति माह की दर से पेंशन प्रदान की जाती है। यह राशि केंद्र और राज्य सरकार के योगदान से बनती है और सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते (Aadhaar-linked Bank Account) में जमा की जाती है।
कैसे काम करेगी ‘बिना फॉर्म’ की यह नई व्यवस्था?
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के अनुसार, इस प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और स्वचालित (Automatic) बनाया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र बुजुर्ग पेंशन से वंचित न रहे।


- स्वचालित सूची निर्माण (Automatic List Generation):
- फैमिली आईडी यानी परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस का उपयोग किया जाएगा।
- यह डिजिटल प्रणाली स्वतः उन नागरिकों की एक सूची तैयार करेगी जिनकी आयु अगले 90 दिनों के भीतर 60 वर्ष होने वाली है।
- डिजिटल सहमति प्रक्रिया:
- यह सूची समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेज दी जाएगी।
- विभाग सबसे पहले पात्र नागरिकों से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS, WhatsApp या फोन कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से पेंशन प्राप्त करने के लिए सहमति (Consent) लेगा।
- भौतिक संपर्क (Physical Verification):
- यदि डिजिटल माध्यम से सहमति नहीं मिलती है, तो ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) कर्मचारी या विभागीय अधिकारी सीधे लाभार्थी के घर जाकर उनसे भौतिक रूप से संपर्क करेंगे और सहमति प्राप्त करेंगे।
- यदि दोनों स्तरों पर सहमति नहीं मिलती है, तो उस नाम को प्रक्रिया से हटा दिया जाएगा।
- पेंशन स्वीकृति और वितरण:
- सहमति मिलते ही 15 दिनों के भीतर पेंशन की स्वीकृति पूरी कर ली जाएगी।
- पेंशन की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते (Aadhaar-linked Bank Account) में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा की जाएगी।
फैसले का महत्व: अब दफ्तरों के चक्कर खत्म
इस ऐतिहासिक फैसले से प्रदेश के लाखों बुजुर्गों को निम्नलिखित लाभ होंगे:
- शून्य आवेदन प्रक्रिया: 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी को कहीं भी आवेदन करने या दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
- दलालों से मुक्ति: आवेदन प्रक्रिया खत्म होने से बिचौलियों या दलालों की भूमिका समाप्त हो जाएगी।
- पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से लाभार्थियों की पहचान में सटीकता आएगी और कोई भी पात्र व्यक्ति छूटेगा नहीं।
- समय की बचत: पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया अब पहले के महीनों के मुकाबले मात्र 15 दिनों में पूरी हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था से वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मौजूदा 67.50 लाख से अधिक बुजुर्गों के अलावा लगभग 8.25 लाख नए पात्रों तक भी पहुंचेगा जो आवेदन की जटिलता के कारण अब तक इससे वंचित थे।
#UPCM श्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वृद्धजनों का ‘एक परिवार-एक पहचान’ फैमिली आईडी प्रणाली से ‘राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना’ के अन्तर्गत स्वतः नामांकन एवं स्वीकृति कर भुगतान… pic.twitter.com/3BMUuwB5jq
— Government of UP (@UPGovt) November 14, 2025


योजना की पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ उन वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:
- आयु: 60 वर्ष या उससे अधिक।
- निवास: उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
- आय सीमा: आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (BPL) हो या ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक आय 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये तक हो।
- अन्य पेंशन: आवेदक किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) की दिशा में एक मील का पत्थर है, जो बुजुर्गों के सम्मान और उनके जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।
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