मूलपरख और संस्कार युक्त शिक्षा बहुत जरूरी : राष्ट्रपति

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(राष्ट्रपति जी के कार्यक्रम से आयुष गुप्ता की रिपोर्ट) कानपुर देहात: कहने को भले ही महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर व लखनऊ राष्ट्रपति बनने के बाद आए हो लेकिन यह पहला मौका था जब वह अपने गांव परोख पहुंचे। उन्होंने अपने संबोधन में जहां गांव की पुरानी यादें ताजा की। वहीं शिक्षा पर भी ज्यादा जोर दिया।उन्होंने मूलपरख और संस्कार युक्त शिक्षा को महत्वपूर्ण बताया। पहली बार अपने गांव आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पुराने दिन नहीं भूल पाए,उनका दर्द मंच पर संबोधन के दौरान खुलकर झलका। उन्होंने बताया कि जब वह गांव में पढ़ते थे तो यहां पर प्राइमरी पाठशाला हुआ करती थी लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए बाहर जाना पडता था। इतना ही नहीं उनके गांव की बच्चियों को भी अच्छी शिक्षा के लिए बाहर की जरूरत पड़ती थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका तब मन में ठानी कि गांव में एक अच्छा विद्यालय खोला जाए। इसीलिए झलकारी बाई विद्यालय खोला गया और गांव की बच्चियों को अच्छी शिक्षा दिलाई गई। मौजूदा समय में गांव में अच्छे विद्यालय खुल खुल गए हैं। यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार और राज्यपाल ने खुलकर सभी की मदद की है। उन्होंने वैक्सीनेशन पर जोर देते हुए कहा कि सभी लोगों को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए साथ ही अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।अपने संबोधन के दौरान महामहिम राष्ट्रपति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल की खूब सराहना की साथ ही साथ संस्कार युक्त शिक्षा पर भी जोर दिया।


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